You are here
राजनीति 

आतंकी हूर बनते हुए ! जाने पूरा वाक्या

दुनिया भर में अपने आतंक फैलाने के मंसूबे रखने वाले आईएसआईएस आतंकियों के ये दिन आयेंगे ये तो उन्होंने सोचा भी नही होगा, आईएसआईएस के गढ़ मोसूल के ढहने के बाद से ही लगातार कमजोर होते चले जा रहे है एक तरफ से इराकी सेना उन्हें जमीन पर खदेड़ रही है तो वही दूसरी तरफ रूसी एयरफ़ोर्स और अमेरिकी ऐयरफ़ोर्स ने उनपर लगातार आसमानी हमले जारी रखे है.

जिसके बाद से आईएसआईएस की कमर टूट चुकी है और आतंकी भागने को मजबूर है, भागते हुए आतंकियों को भी घेर चुके कमांडोज चुन चुन कर मार रहे है इसलिए उन्होंने खुदको महिला परिधानों में ढककर भागने का फैसला किया लेकिन वो फिर भी पकडे गये जिनके फोटोज इन्टरनेट पर बहुत वायरल हुए है और लोगो के बीच इस इस्लामिक आतंकवादी संगठन का खूब मखौल भी उठाया जा रहा है.

आईएसआईएस के ये आतंकी मंसूबे सिर्फ सीरिया ईराक और यमन तक ही सीमित नही है बल्कि इनकी नजर दक्षिण एशिया तक भी है जिसकी जड़ में पाकिस्तान और भारत तक भी आते है लेकिन भारत की मजबूत फोर्सेज के चलते अभी तक ये यहाँ पहुँच नही पाए है जबकि सीमा पार तालिबानी इलाके में आईएसआईएस की मौजूदगी दर्ज की गयी है, कई आतंकी उन्ही से ट्रेनिंग लेकर भारत में घुसपैठ करते है और बड़ी बात है बुरहान वानी और उसके जो साथी लश्कर के आतंकी है इसी तरीके से भारत की सेना के हत्थे महिला कपड़ो में धरे गये जो हार जाने के बाद मौत के डर से इन कपड़ो में भाग जाने की कोशिश में थे लेकिन ऐसा संभव हो नही पाया है अब तक इंडियन फोर्सेज से इन दिनों किये ऑपरेशन में सीमा में घुसे 106 आतंकियों को हर वेशभूषा में से ढूंढकर उनका एनकाउंट किया हैदुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में वेतन के रूप में पैसों के अलावा विभिन्न चीज़ें मिलती हैं लेकिन हालिया दिनों में एक एेसा मामला भी सामने आया है जहाँ वेतन के एक हिस्से के रूप में लड़कियां दी जाती हैं.

यह भी पढ़े   बनियों के पास इतना पैसा कैसे होता है, जाने इसके पीछे का गुप्त राज, जो आज शायद ही किसी को पता हो

दाइश के एक आतंकी ने अदालत में क़ुबूल किया है कि उसे चार ईज़दी लड़कियां, इस आतंकी गुट में काम करने के बदले में वेतन के रूप में मिली थीं. मोसुल की एक अदालत में दाइश का यह आतंकी अपने ऊपर लगाए गए चार महिलाओं से बलात्कार, अपहरण और हत्या के आरोपों के बारेे में जज को बता रहा था और इस दौरान उसने बेहद भयानक तथ्य उजागर किये.40 वर्षीय मुहम्मद अहमद नामक इस व्यक्ति ने अदालत में यह बात स्वीकार की कि जब दाइश ने वर्ष 2014 में सैकड़ों ईज़दी महिलाओं और लड़कियों को दासी बना लिया तो उसे भी चार ईज़दी लड़कियां वेतन के एक भाग के रूप में दी गईं. इस आतंकी ने न्यायालय को बताया कि वह हर रात इनमें से एक लड़की के साथ बिताया करता था.

अदालत में बयान देते समय इस आतंकी के चेहरे पर पछतावे का कोई चिन्ह नहीं था. उसके बाल बिखरे हुए और दाढ़ी लम्बी और सीने तक पहुंच रही थी. वह मुश्किल से सांस ले रहा था और कभी कभी उसका शरीर अस्वाभाविक रूप से कांपने लगता था. यह इराक़ी लड़कियों और महिलाओं के साथ दाइश के आतंकियों के बलात्कार की पहली कहानी नहीं है. इससे पहले भी दाइश के एक आतंकी ने स्वीकार किया था कि उसने 200 महिलाओं के साथ बलात्कार किया है. बताया जाता है कि इस समय भी लगभग 3000 ईज़दी महिलाएं दाइश के चंगुल में हैं.

Comments

comments

Related posts