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अजब गजब 

सेक्यूलरों ने गिरा दी अर्नब के चैनल की रेटिंग, अब देखिये …

एनडीए के राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर और बीजेपी समर्थक मोहनदास की मदद से बड़े ही धमाके के साथ 6 मई 2017 को अपने नए इंग्लिश चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ को लॉन्च करने वाले वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी और उनके चैनल को मंगलवार को मलयालियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

मलयालियों ने हजारों की संख्या में फेसबुक पर रिपब्लिक टीवी के खिलाफ एक जोरदार अभियान चलाया। इस विरोध की वजह से रिपब्लिक टीवी के पेज की रेटिंग 5 से 2 पर आ गई। इतना ही नहीं कुछ ही मिनटों में, 24 हजार से अधिक यूजर्स ने चैनल के पेज को वन (1) स्टार दिया, जो सबसे कम रेटिंग माना जाता है।

दरअसल, केरल में आरएसएस कार्यकर्ताओं और सीपीआई(एम) के कार्यकर्ताओं के साथ चल रहे राजनीतिक हिंसा को लेकर डिबेट के दौरान लेफ्ट के एक नेता पर गोस्वामी भड़क गए। बता दें कि, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने केरल में राजनीतिक हिंसा का शिकार बनने के कारण मारे गए आरएसएस कार्यकर्ता राजेश के परिजनों से उनके आवास पर मुलाकात की थी।

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4 अगस्त को इस मसले पर डिबेट के दौरान अर्नब ने कहा कि ‘देश यह जानना चाहता है कि इन राजनैतिक हत्याओं के पीछे कौन है और क्या केरल में आरएसएस कार्यकर्ताओं की निर्दयी हत्याओं से वामपंथी सहिष्णु हो सकते हैं?’ इस डिबेट के दौरान गोस्वामी ने तो अन्याय के खिलाफ आवाज़ ही उठाई, लेकिन मलयाली लोगों ये पसंद नहीं आयाl

इस ही वजह से उन्होंने ऐसा प्रोटेस्ट किया कि फेसबुक पर अर्नब के चैनल की रेटिंग सीधा 1 स्टार पर गई जो कि देखा जाए तो गलत हैl ‘रेटिंग’ किसी भी चीज़ की हो, वह लोगों के अनुभव के ऊपर होनी चाहिए, न कि विरोध के लिए!

लेकिन अब राईट विंग सपोर्टर्स ने विरोधियों को इसपर कड़ा जवाब दिया हैl तीन दिन के बाद वापस रेटिंग चार्ट आपको चौंका देगाl देखें तस्वीर-

जी हाँ! राईट विंग सपोर्टर्स ने विरोधियों को जवाब देने के लिए 5 स्टार रेटिंग रिपब्लिक को दे डालीl इस प्रकार से चैनल की 5 स्टार रेटिंग बढ़कर 61 हज़ार हो गई जब कि 1-स्टार रेटिंग 55 हज़ार रह गई!

बहुत से लोग इस बात को मानते हैं कि अर्नब गोस्वामी एक सफल पत्रकार हैl वह पक्षपात से कोसो दूर हैंl जहाँ गलत होता है और जो गलत होता है वे उसके हमेशा खिलाफ रहते हैंl लोगों को अक्सर शिकायत रहती है कि वे बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ कुछ नहीं बोलतेl पर वे भूल जाते हैं कि ऐसा होने के लिए बीजेपी या आरएसएस का कुछ गलत करना भी ज़रूरी है!

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