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देश 

अपने भाई से शादी करने को लेकर क्या सोचती है पाकिस्तानी लड़किया, सुनिए उन्ही की जुबानी

प्रत्येक धर्म में अलग अलग रीती-रिवाज व् परम्परायें होती है जिन्हे उस धर्म को मानने वाले लोगो को निभाना पड़ता है ये परम्पराये शादी जैसे संबंधो में और भी ज्यादा बाध्यकारी हो जाती है | चुकीं शादी जैसे संबंध सामाजिक परिवेश में ही बनते है अत: रीती रिवाजो को मानना आवश्यक हो जाता है | अगर बात हिन्दू धर्म के शादी संबंधो की करे तो अधिकतर शादियाँ लोग अपनी ही जातियों में करना पसंद करते है हालांकि इन जातियों में कई गौत्र होते है अत: शादी से पहले लोग इन गोत्रो में से कुछ गोत्रो को छोड़ देते है जैसे अपने परिवार के गौत्र व लड़के या लड़की की माँ का गौत्र , दादी का गौत्र जैसे कुछ गोत्रो में हिन्दू धर्म में शादी नहीं करते है वह इन गोत्रो के लोगो को अपने परिवार का हिस्सा मानते है |

वही हिन्दू धर्म के उलट मुस्लिम धर्म में शादियाँ में गौत्र मिलान नहीं देखा जाता है मुस्लिम धर्म में पारिवारीक शादी का रिवाज है अथार्त मुस्लिम लोग अपनी माँ के दूद के रिश्ते को छोड़कर परिवार के अन्य रिस्तो में शादी कर सकते है जैसे अपने चाचा, मामा या ताऊ के लड़के लडकीयो से, हालांकि मुस्लिम धर्म में भी शादी से पहले कई बाते देखी जाती है |

हाल ही में एक यूट्यूब चैनल ने पाकिस्तान के युवाओ से इस मामले में बात की, एंकर ने युवाओ से पूछा की क्या वह अपने कजिन से शादी कर सकते है तो इन पाकिस्तानी युवाओ ने अपने अपने विचार से इस बात का जवाब दिया |

देखिए वीडियो….. 

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