भारत का होता पूरा कश्मीर अगर नेहरु ने…भारतीय सैनिक ने बताया कश्मीर से जुड़ा सच,

आज भारत में सबसे बड़ी लड़ाई कश्मीर को लेकर है, जहां एक तरफ पाकिस्तान कश्मीर को अपना बताता है वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान लगातार कश्मीर को अपना बताता है l आपको बता दें इस लड़ाई में सबसे ज्यादा नुक्सान उन लोगों को होता है जो कश्मीर में रहते हैं l ये बात जग जाहिर है की कश्मीर भारत का ही भाग है लेकिन पाकिस्तान अपनी ना-पाक हरकतों से कभी बाज़ नहीं आता लेकिन क्या आप जानते हैं क्यों भारत को आज अपने ही कश्मीर के लिए लड़ना पड़ रहा है ?

जहां एक तरफ कश्मीर में लगातार आतंकी गतिविधियाँ हो रही हैं वहीं दूसरी तरफ कश्मीर में आतंकियों ने अड्डा बना लिया है l दुःख की बात ये है की भारतीय सेना को अपने ही कश्मीर में कश्मीरी लोगों से पत्थर खाने पड़ते हैं और बदले में आपदा के समय उनकी जान बचानी होती है l दरअसल नेहरु की एक गलती की वजह से ये सब हुआ है जब आप जानेंगे सच क्या है आपका खूनखौल उठेगा…

आज भारत चाहकर भी कश्मीर को अपना बता नहीं पा रहा है, लेकिन 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में अगर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू फौज को पीछे हटने के लिए नहीं कहते तो आज कश्मीर पूरी तरीके से भारत का होता और वहां पर शांति कायम रहती। यह कहना है 1971 में भारत-पाक युद्ध में शामिल रिटायर्ड कर्नल रघुराज सिंह का।

दरअसल सिंह ने एक पत्रिका से बातचीत में बताया कि 1971 की लड़ाई में भारतीय फौज ने पाकिस्तानी फौज को करारा जवाब देते हुए पीछे खदेड़कर पीओके पोस्ट पर कब्जा कर लिया था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने इस लड़ाई को रोकने के निर्देश दे दिए। जिससे जंग लड़ रही फौज में काफी आक्रोश था, क्योंकि भारतीय फौज ने पूरे कश्मीर पर कब्जा कर लिया था, लेकिन  आदेश मिलने के बाद भारतीय फौज को पीछे हटना पड़ा। उस एक आदेश का खमियाजा आज तक भारत भुगत रहा है और कश्मीर अपना होने के बावजूद भी अपना नहीं कह पा रहा है।

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