युवती के फ्लैट पर देर रात पुरुष मित्र के आने पर लोगों ने बुलाई पुलिस

ऐसे समय में जब निजता को मौलिक अधिकार बनाने पर सुप्रीम कोर्ट में बहसें चल रही हैं, वहीं कल्याणी नगर के पॉश इलाके में मॉरल पुलिसिंग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कल्याणी नगर सोसायटी में एक फ्लैट में रह रही किराएदार युवती के अपने घर पर पुरुष मित्र को बुलाने पर हंगामा मच गया। युवती के दोस्त के देर रात पहुंचने पर सोसायटी में पुलिस पहुंच गई और उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी भी मिली।

गुडविल एनक्लेव-4 के लोग 22 साल की किराएदार लड़की और उसकी फ्लैटमेट को अपने घर पर लड़कों को बुलाने के लिए परेशान कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब लोगों ने पुलिस को बुला लिया और उसके पुरुष मित्र पर कथित तौर पर हमला भी किया।

युवती पेशे से एक लेखिका है और उसने मंगलवार को अपने दोस्त को डिनर के लिए बुलाया था। उन्होंने गेम ऑफ थ्रोन्स के आखिरी एपिसोड की स्क्रीनिंग देखने का भी प्लान बनाया था। हालांकि उनकी यह शाम भयावह घटनाक्रमों में बदल गई।

युवती का दोस्त रात के 10 बजे आया और एंट्रेंस पर वॉचमैन ने उसे रोक दिया। वॉचमैन से काफी देर कहा-सुनी के बाद युवती ने सोसायटी के चेयरमैन से मिलने की बात कही। हालांकि इस बीच वह अपनी बिल्ली को कमरे में छोड़ने के लिए ऊपर चली गई। तभी चेयरमैन आए और लड़कों को सोसायटी के अंदर आने की अनुमति नहीं होने की बात कहकर चले गए।

युवती ने बताया, मैं वापस आई और हमने चेयरमैन के लौटने का 20 मिनट तक इंतजार किया। वॉचमैन ने चेयरमैन के लौटने की बात कही थी। इसके बाद हम अपने घर की तरफ बढ़े क्योंकि हमें बहुत तेज भूख लग गई थी। 15 मिनट बाद सोसायटी के 3 लोग आए और हमारे घर के दरवाजे की तरफ इशारा करने लगे। उनमें से कोई भी चैयरमैन नहीं था। वे हम पर चिल्लाने लगे, हमने उन्हें अपनी बात समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन उन्होंने एक ना सुनी और हमें पुलिस बुलाने की धमकी देकर चले गए। 10 मिनट बाद पुलिस मेरे दरवाजे पर खड़ी थी।

युवती ने बताया, दो पुरुष पुलिसकर्मी मेरे घर में घुसे और मेरे दोस्त को कहा कि वे एक शिकायत पर उसे अरेस्ट कर रहे हैं। जब यह सब कुछ हो रहा था तो दूसरा पुलिसकर्मी घटना की विडियो रेकार्डिंग कर रहा था। मेरे दोस्त ने भी सबूत के लिए रेकार्डिंग करना शुरू किया लेकिन पुलिसकर्मियों ने धमकाकर विडियो डिलीट करवा दिया। इस वक्त तक कई लोग हमारे घर में घुस आए थे और हमारे कैरेक्टर पर छींटाकशी कर रहे थे। बात यहीं खत्म नहीं हुई। एक घंटे की बहस के बाद जब हर कोई उतरकर नीचे जाने लगा तो दो महिलाएं बाहर जाकर पुलिस को मेरे दोस्त को वैन में घसीटते हुए और मारते हुए देखने लगीं। जब मेरा दूसरा दोस्त बचाव करने वहां पहुंचा तो उसे भी धमकियां दी गईं जबकि उसने सोसायटी के भीतर कदम तक नहीं रखा था। हम यहां एक महीने पहले आए थे और वॉचमैन लगातार रोक-टोक कर रहा था। जबकि ब्रोकर और मकानमालिक ने हमें ऐसी किसी पाबंदी के बारे में नहीं बताया था।

युवती ने कहा, ‘इस हादसे के बाद मैं बुरी तरह से डर गई हूं, अगर रात के 12 बजे लोग हमारे घर में घुस सकते हैं और हमें परेशान कर सकते हैं तो मैं बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हूं’

येरवदा पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर मुकुंद महाजन ने कहा कि हमने लड़कियों से बात की है और उनकी शिकायत की सुनवाई की जा रही है।

Comments

comments