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राजनीति 

क्या मुस्लिम खाने में थूक कर खिलाते है मेहमानो को खाना?

इस्लाम में शरियत का ज़िक्र तो आम बात है. शरियत के तहत आने वाले नियम कानून की अगर मानें तो ऐसी-ऐसी बातें है जिनके बारे में जान कर आप हैरान हो जायेंगे. जैसे शरियत के मुताबिक इस्लाम का अपना कानून है जो की हिन्दुस्तान समेत दुनिया के कई देशों के कानून से कोई वास्ता नहीं रखता है.
शरियत के अनुसार औरतों को शिक्षा पाने का कोई अधिकार नहीं है. अब बताइए आगर ऐसा हो तो देश-दुनिया में औरतों के साक्षरता पर कितना असर पड़ेगा. हमारे देश में मुसलमानों के लिए जो न्याय प्रणाली है वो हिन्दुओं से बिलकुल भी अलग नहीं है लेकिन शरियत के अनुसार इस्लाम का अपना कानून है. जिसके अनुसार सजा की प्रणाली इतनी सख्त है जिसे जान कर आप हैरान हो जायेंगे.

शरियात के कानून के अनुसार अधिकतर मामले में सजा-ए-मौत का प्रावधान है. जैसे,

  • कुरान के किसी भी हिस्से की आलोचना या उससे वास्ता न रखना.
  • मोहम्मद की आलोचना करना.
  • अल्लाह यानि की मुसलामानों के देवता की अलोचना या उसे नकारना.
  • मुस्लिम धर्म को छोड़
  • कर किसी दुसरे धर्म को अपनाना.  
  • कोई गैर मुस्लिम जो किसी मुस्लिम को इस्लाम से दूर ले कर जाता है तो उसे भी मौत की सजा दी जाएगी
  • किसी गैर मुस्लिम व्यक्ति के मुस्लिम लड़की से विवाह करना

इस्लाम के अनुसार ऐसे कई सारे कानून हैं जो महिलाओं से उनके अधिकार को छीनता है. सऊदी अरब एक ऐसा देश है जहाँ महिलाओं के लिए ऐसे कई सारे चीजों पर बैन है. जिसे जानने के बाद आप हैरानी में पड़ सकते हैं.

तैरना मना हैसऊदी अरब में महिलाओं के सार्वजनिक तौर पर स्वीमिंग पूल में तैरना मना है. हालांकि वहाँ महिलाएं जिम या स्पा जो की महिलाओं के लिए है और वह पुरुष नहीं जा सकते है उस पूल में महिलाएं तैर सकती है.
खेलना मना हैपिछले साल सऊदी अरब में महिलाओं के बिना एक ओलंपिक खेलों की मेजबानी का प्रस्ताव रखा गया । जिसमें किसी भी महिला ने भाग नहीं लिया जिस पर सऊदी ओलंपिक के एक सलाहकार ने कहा कि “महिलाएं खेल में अपने प्रतिस्पर्धा दिखाए ये देखना उनके लिए काफी कष्टमय होगा.” जिस पर सऊदी के राजकुमार फहद बिन जलावी ने कहा कि “हमारा समाज बहुत ही रूढ़िवादी हो सकता है.”
कपड़ों के शोपिंग के दौरान “ट्राई” नहीं कर सकतीं  आम तौर पर कपड़ों के शॉपिंग के दौरान लोग कपड़े ट्राई कर के ही खरीदना पसंद करते है ताकि बार-बार दुकान का चक्कर ना लगाना पड़े. लेकिन सऊदी अरब में महिलाएं शोपिंग के दौरान कपड़ों को ट्राई भी नहीं कर सकती हैं. ऐसे में उन्हें बहुत तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
कार भी नहीं चला सकती महिलाएंसऊदी में ऐसी कोई भी संविधानिक कानून नहीं है जिसमें महिलाओं के कार चलाने पर प्रतिबंद का ज़िक्र किया गया हो लेकिन, सरियत का हवाला दे कर सऊदी सरकार महिलाओं के कार चलने पर प्रतिबन्ध लगता है. सऊदी की महिलायें अपने दाायरे को जानती हैं लेकिन इस कानून के खिलाफ महिलाएं कई दिनों से मोर्चे पर है और सऊदी में महिलाओं के हक के लिए लड़ाई लड़ रही हैं.
इस्लाम में अजीबो-गरीब रिवाज है और ना मानों तो सख्त से सख्त सजा का प्रावधान भी है. हमने इस्लाम के कुछ ऐसे ही नियमों का जिक्र किया है जो काफी निंदनीय है और अगर इन नियम कानून का पालन होने लगे तो इस्लाम ही इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन बन जायेगा.

लेकिन क्या आप जानते है कि शिया मुसलमान के घर जाने वाले मेहमानों को खाने या नाश्ते में थूक कर परोसने की प्रथा है. हालांकि कोई भी मौलवी या इमाम इस बात की पुष्टि अधिकारिक तौर पर तो नहीं करता लेकिन सभी एक से एक कहानियाँ जरुर सुनाते हैं आज हम आपको ऐसी ही कहानियों के बारे में बताएँगे जिन्हें सुन कर आप भी सोच में पड़ जायेंगे कि क्या सही है और क्या गलत.

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