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देश राजनीति 

RBI फिर से ले रही है 500 रुपये, 1000 रुपये के पुराने नोट

बीती रात एनडीटीवी ने एक स्पेशल रिपोर्ट का प्रसारण किया था. इस रिपोर्ट में दिखाया गया था कि कैसे महाराष्ट्र सरकार की पस्त किसानों को 10 हजार रुपये कैश देने की योजना पर विमुद्रीकरण के सात महीने बीत जाने के बाद भी कैश की कमी के चलते पानी फिर रहा है. आरबीआई द्वारा पुराने (500 व 1000 रुपये के प्रतिबंधित) नोट अस्वीकार किए जाने के चलते पनपे इन हालातों पर यह रिपोर्ट थी.

रातोंरात सरकार ने जिला सहकारी  बैंकों, पोस्ट ऑफिसों को इन अप्रचलित पुराने नोटों को आरबीआई के पास एक महीने के भीतर एक्सचेंज करवाने की अनुमति दी है. हालांकि सरकार ने उन्हीं नोटों को एक्सचेंज करवाने की अनुमति दी है जो 30 दिसंबर 2016 तक इन बैंकों व पोस्ट ऑफिसों द्वारा एकत्र किए जा चुके थे. वित्त मंत्रालय ने यह बात अपनी एक स्टेटमेंट में कही.

500 रुपये, 1000 रुपये के प्रतिबंधित नोटों को सहकारी बैंक  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) में जमा करवा सकते हैं. वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर इस बाबत अनुमति दी है कि अगले 30 दिनों के भीतर ऐसा किया जा सकता है.

यह राहत ऐसे समय में दी गई है जब कई जिलों से ऐसी रिपोर्ट्स आ रही थीं कि किसानों को धन देने के लिए को-ऑपरेटिव बैंकों के पास पर्याप्त कैश नहीं है. इसके बाद सरकार ने बैंकों, पोस्ट ऑफिस, जिला केंद्रीय कोऑपरेटिव बैंकों को 500-1000 रुपये के पुराने नोटों को तीस दिनों के भीतर आरबीआई से एक्सचेंज करने की अनुमति दी है.

सहकारी बैंकों के पास पुराने नोट काफी संख्या में पड़े हैं और ऐसे मामले महाराष्ट्र से खासतौर से सामने आए हैं. बैंकों का कहना है कि वे किसानों को इसके चलते कैश नहीं दे पा रहे हैं. नोटबंदी के छह माह बीत जाने के बाद भी उनके पास पुराने नोटों के बंडल हैं जिन्हें वे एक्सचेंज नहीं करवा पाए और अब ( यह नोटिफिकेशन आने तक) आरबीआई इन्हें स्वीकार नहीं कर रहा है.

नासिक के जिला केंद्रीय सहकारी बैंक ने NDTV से कहा- उनके पास 340 करोड़ रुपये की कीमत वाले 500 व 1000 रुपये के नोट हैं. DCCB के चेयरपर्सन नरेंद्र दाराडे ने कहा कि जब तक इन नोटों को नए नोटों से बदला नहीं जाएगा तब तक पेमेंट करना मुश्किल होगा. बता दें कि 8 नवंबर को विमुद्रीकरण के तहत पीएम मोदी ने 500 व 1000 रुपये तत्कालीन नोटों को तुरंत प्रभाव से अवैध करार दिया था.

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