मानहानि केस में अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस नेता से लिखित में मांगी माफी

नई दिल्ली:दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना से मानहानि केस से जुड़े एक मामले में माफी मांगी है। कांग्रेस नेता ने पटियाला हाउस कोर्ट में केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर एक करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की थी। केजरीवाल ने लिखित में माफी मांगते हुए कहा है कि एक सहयोगी के बहकावे में आकर उन्होंने भड़ाना पर आरोप लगाए थे।

बता दें कि अवतार सिंह भड़ाना का आरोप है कि केजरीवाल ने उनके संबंध में 31 जनवरी 2014 को आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा था कि भड़ाना देश के सबसे भ्रष्ट व्यक्तियों में से एक हैं। इसके बाद भड़ाना की तरफ से कहा गया था कि वह समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से एक हैं। केजरीवाल के इस बयान से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची है। भड़ाना ने इस मामले में केजरीवाल को कानूनी नोटिस भेजकर अपना बयान वापस लेने और उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग की थी। केजरीवाल ने अपना बयान वापस लेने और भड़ाना से माफी मांगने से इनकार कर दिया था।

इसके बाद केजरीवाल ने सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में भड़ाना से लिखित में माफी मांगते हुए कहा कि अपने एक सहयोगी के बहकावे में आकर उन्होंने भड़ाना पर वे आरोप लगाए थे। बाद में उनकी जांच में उन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। इसलिए केजरीवाल ने इस मामले में माफी मांगने की बात कही। दिल्ली सीएम ने अपने माफीनामे में कहा है कि उनका उद्देश्य भड़ाना पर आरोप लगाकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

बता दें कि भड़ाना के केस के अलावा केजरीवाल पर मानहानि के कई और मामले दर्ज हैं। इनमें अरुण जेटली के खिलाफ दिए बयान में भी कोर्ट में केस चल रहा है। अरविंद केजरीवाल समेत AAP के 6 नेताओं के खिलाफ आपराधिक मानहानि मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बीते 5 अगस्त को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया।

अरुण जेटली ने दिसंबर 2015 में अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक बाजपेयी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। जेटली का आरोप है कि इन लोगों ने दिल्ली क्रिकेट असोसिएशन (DDCA) से जुड़े मामले में उनके खिलाफ ‘झूठे और अपमानजनक’ बयान दिए हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ है। AAP नेताओं ने जेटली पर डीडीसीए में वित्तीय गड़बड़ियां करने का आरोप लगाया था। जेटली साल 2013 तक लगभग 13 साल डीडीसीए के अध्यक्ष रहे थे। गौरतलब है कि इस मामले में केजरीवाल की तरफ से उनकी पैरवी कर रहे सीनियर वकील राम जेठमलानी ने उनका केस छोड़ दिया है।

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