You are here
राजनीति 

बंगाल में साम्प्रदायिक तनाव, अब एंटी हिन्दू वीडियो वायरल

कोलकाता| पश्चिम बंगाल में नॉर्थ 24 परगना जिले में एक फेसबुक पोस्ट की वजह से पैदा हुआ सांप्रदायिक तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। केंद्र सरकार ने मंगलवार को 400 अर्द्धसैन्य बल और बीएसएफ जवानों को हालात पर काबू पाने के लिए भेजा है। इस बीच, एक विडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग ‘आर्यों को देश से बाहर निकालने’ के लिए प्रदर्शन-नारेबाजी करते नजर आते हैं।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को मोहम्मद अरिजुल अली नाम के शख्स ने फेसबुक पर अपलोड किया है। विडियो में लोगों को हिंदू विरोधी नारे लगाते सुना जा सकता है। ये लोग पैगंबर मोहम्मद के अपमान के लिए आरोपी शख्स को सजा दिलवाने की मांग करते दिखते हैं। वे भारत से ‘आर्यों को बाहर करने’ के नारे लगाते भी नजर आ रहे हैं। इन लोगों के हाथों में इस्लामिक झंडे भी हैं। बताया जा रहा है कि यह विरोध-प्रदर्शन बशीरहाट के आसपास के इलाके में निकाला गया। अली के इस वीडियो को अब तक एक हजार से ज्यादा लोगो ने शेयर किया है, इस विडियो को राज्य बीजेपी के नेताओं ने भी जारी करके सीएम ममता बनर्जी की सरकार पर ऐंटी हिंदू प्रॉपेगैंडा को शह देने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है।

 वहीं, राज्य में जारी हिंसा को लेकर बीजेपी ने सत्ताधारी तृणमूल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी के महा सचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया गया है कि 2000 से ज्यादा मुस्लिमों ने बशीरहाट और बादुड़िया में हिंदू परिवारों पर हमला किया। बीजेपी ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भेजे एक ज्ञापन में कहा है कि कुछ जगहों से महिलाओं के साथ बलात्कार की खबरें भी सामने आई हैं। बीजेपी की ओर से गृह मंत्री से मांग की गई है कि वह इस मामले में जल्द से जल्द दखल दें। विजयवर्गीय बीजेपी के पश्चिम बंगाल प्रभारी भी हैं।

पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने आरोप लगाया, ‘हम सब जानते हैं कि बंगाल की धरती जिहादियों के लिए शरणस्थली बन गई है। ‘ कोलकाता बीजेपी हेडक्वार्टर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने तथा राज्य में ‘कानून व्यवस्था की बिगड़ती’ स्थिति के आकलन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में अल्पसंख्यक वोटों के मद्देनजर ‘तुष्टीकरण की राजनीति ‘ कर रही है।

Comments

comments

Related posts