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423 बाहुबली तैयार, सरहद पर आतंक को देंगे मुंहतोड़ जवाब

ये वो जांबाज हैं जो अब देश की सेना के लिए तैयार है. उस अग्निपरीक्षा को पार कर चुके हैं जहां से एक बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आने वाली हैं. मेहनत लगन और तपस्या कितनी घनघोर थी उसका अंदाजा जश्न से लगाया जा सकता है.

दरअसल पासिंग आउट परेड में अंतिम पग पार करते ही 423 जांबाज अफसर भारतीय सेना का मुख्य अंग बन गए. इस ट्रेनिंग में सिर्फ हिंदुस्तानी ही नहीं बल्कि विदेश जांबाज भी शामिल थे, जो ट्रेनिंग के बाद बेहद खुश नजर आए.

‘भारत माता तेरी कसम, तेरे रक्षक बनेंगे हम…’ गीत पर कदमताल करते जेंटलमैन कैडेट ड्रिल स्क्वायर पहुंचे, तो लगा कि विशाल सागर उमड़ आया है. एक साथ उठते कदम और गर्व से तने सीने दर्शक दीर्घा में बैठे हरे शख्स के अंदर एक नई उर्जा भर रहे थे. सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर मार्कर्स कॉल के साथ परेड का आगाज हुआ.

इधर, युवा सैन्य अधिकारी अंतिम पग भर रहे थे, तो आसमान से हेलिकॉप्टरों के जरिए उन पर फूलों की बारिश शुरू कर दी गई. लगा मानो पुष्प की अभिलाषा पूरी हो गई. आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत बतौर रिव्यूइंग अफसर ने परेड की सलामी ली, देश के बहादुर जांबाजों ने आर्मी चीफ को कुछ इस अंगाज में सलामी दी.

भारतीय सैन्य अकादमी यानी आईएमए में ट्रेनिंग लेने वाले 490 जांबाज कैडेट पास आउट हो गए. 423 जांबाज अफसर भारतीय सेना का मुख्य अंग बन गए. वहीं 67 विदेशी कैडेट्स भी पास आउट हुए. पासआउट होने वाले कैडेटों सबसे ज्यादा यूपी के, दूसरे नंबर पर हरियाणा और तीसरे नंबर पर उत्तराखंड के कैडेट हैं.

हिंदुस्तान के 423 बाहुबली देश की सुरक्षा के लिए तैयार हो चुके हैं, जो कि भारत के कई हिस्सों में तैनात होंगे और देश पर बुरी नजर रखने वालों मुंहतोड़ जवाब देंगे. देश पर मर-मिटने का जज्बा लेकर ये जवान अब भारतीय फौज का हिस्सा बनेंगे.

इनमें से ना जाने कितने जांबाज़ आर्मी अफसर कश्मीर में भी तैनात होंगे. लेकिन कश्मीर में फौज के सामने अब सरहद पार के दुश्मनों के साथ ही खुद कश्मीर में रहने वाले पत्थरबाज़ एक बड़ी चुनौती बन गए हैं. इन पत्थरबाज़ों से जब सेना ने सख्ती से निपटना शुरू किया तो पत्थरबाज़ों की महिला ब्रिगेड तैयार कर दी गई.

जांच एजेंसी एनआईए के सूत्रों के मुताबिक अलगाववादी महिला नेता आसिया अंद्राबी इन महिला पत्थरबाज़ों को तैयार कर रही है. अंद्राबी स्कूल-कॉलेज की छात्राओं को गुमराह कर उन्हें भड़काती है और सेना पर पत्थरबाज़ी के लिए सड़कों पर उतारती है. एजेंसी का मानना है कि पत्थरबाजी में छात्राओं को शामिल करने के लिए इन महिलाओं को पैसे भी दिए जाते हैं.

महिला पत्थरबाज़ों से निपटने के लिए आर्मी चीफ ने सेना में भी महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर ज़ोर दिया है. कश्मीर में महिला पत्थरबाजों को भड़काने और उन्हें रुपये देने की बात एनआईए की जांच में सामने आई.

एनआईए हुर्रियत नेताओं की टेरर फंडिंग पर ‘आज तक’ के खुलासे के बाद जांच कर रही है, इसमें आसिया अंद्राबी के साथ हाफिज सईद का नाम भी सामने आया. जांच एजेंसी की FIR में हाफिज सईद, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के सदस्य, हिज्बुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और अंद्राबी के संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत को आरोपी बताया गया है.

देश पर मर-मिटने का जज्बा लेकर ये जवान अब भारतीय फौज का हिस्सा बनेंगे. इनमें से ना जाने कितने जांबाज़ आर्मी अफसर कश्मीर में भी तैनात होंगे. लेकिन कश्मीर में फौज के सामने अब सरहद पार के दुश्मनों के साथ ही खुद कश्मीर में रहने वाले पत्थरबाज़ एक बड़ी चुनौती बन गए हैं.

इन पत्थरबाज़ों से जब सेना ने सख्ती से निपटना शुरू किया तो पत्थरबाज़ों की महिला ब्रिगेड तैयार कर दी गई. जांच एजेंसी एनआईए के सूत्रों के मुताबिक अलगाववादी महिला नेता आसिया अंद्राबी इन महिला पत्थरबाज़ों को तैयार कर रही है. अंद्राबी स्कूल-कॉलेज की छात्राओं को गुमराह कर उन्हें भड़काती है और सेना पर पत्थरबाज़ी के लिए सड़कों पर उतारती है. एजेंसी का मानना है कि पत्थरबाजी में छात्राओं को शामिल करने के लिए इन महिलाओं को पैसे भी दिए जाते हैं.

महिला पत्थरबाज़ों से निपटने के लिए आर्मी चीफ ने सेना में भी महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर ज़ोर दिया है. कश्मीर में महिला पत्थरबाजों को भड़काने और उन्हें रुपये देने की बात एनआईए की जांच में सामने आई. एनआईए हुर्रियत नेताओं की टेरर फंडिंग पर ‘आज तक’ के खुलासे के बाद जांच कर रही है, इसमें आसिया अंद्राबी के साथ हाफिज सईद का नाम भी सामने आया. जांच एजेंसी की FIR में हाफिज सईद, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के सदस्य, हिज्बुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और अंद्राबी के संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत को आरोपी बताया गया है.

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