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राजनीति 

राजनीती करते हुए राहुल गाँधी ने भगवत गीता को भी घसीटा बीच में कहा…

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी हमेशा ही कुछ ऐसा काम कर देते है जिससे उनकी मूर्खता का प्रमाण लोगों को बार-बार मिलता रहता है. इस बार भी उन्होंने कुछ ऐसा किया जिसके बाद एक बार फिर वो आम जनता के निशाने पर आ गए.

आपको बता दें कि राहुल गाँधी राजनीति खेलने के चक्कर में खुद का ही ऐसा मजाक बनवा लेते है कि आम जनता उसपर अपनी हसी को रोक नहीं पाती. लेकिन इस बार राहुल गाँधी ने बीजेपी और आरएसएस के ऊपर ऐसा निशाना साधने की कोशिश की जिसके लिए उन्होंने गीता और उपनिषद को भी नहीं छोड़ा.

रविवार 4 जून को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ये कहा कि मैं आजकल गीता और उपनिषद पढ़ रहा हूं ताकि आरएसएस और भाजपा से लड़ सकूं. पार्टी के सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कहा कि मैंने आरएसएस के लोगों से पूछा कि मित्र, आप लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं मगर उपनिषद में तो लिखा है कि सभी मनुष्य समान होते हैं. इसका मतलब हुआ कि आप तो अपने धर्म में की गई बातों के विपरीत बात काम कर रहे हैं.

राहुल गांधी राजनीति खेलने के चक्कर में ये भी भूल गए कि गीता और उपनिषद को बीच में नही लाना चाहिए. गीता और उपनिषद के नाम पर राहुल गांधी लोगों को बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ भड़का रहे है. धर्म के नाम पर लोगों के दिमाग में ये बात डालना बिलकुल गलत है. आपको बता दें कि राहुल गाँधी यही नही रुके उन्होंने आगे कहा आरएसएस और बीजेपी पूरे देश पर एक विचारधारा थोपना चाहती है.

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