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राजनीति 

गाय के दूध से रोजा खोलता है ये परिवार, बोले- हम बीफ नहीं खाते

गंगा-जमुनी तहजीब को एकता के धागे में पिरोने की खातिर एक मुसलमान ने गजब की मिसाल पेश की है। मुरादाबाद के मोहल्ला जाहिद नगर में मेहंदी हसन ने मोहम्मद जान तुर्की की सलाह से एक नई गंगा-जमुनी मिसाल पेश की।

मेहंदी हसन अंसारी ने अपने सभी 15 परिजनों समेत रमजान के पहले रोजे का इफ्तार गाय के दूध के साथ किया। मेहंदी हसन से इस मौके पर कहा कि हम हिंदू-मुस्लिम की बेवजह की लड़ाई में फंसकर अपने मुल्क को बर्बाद कर रहे है। उस सोच से निकलकर हम सभी हिंदू-मुस्लिम को गंगा जमुनी तहजीब से रहना चाहिए। इस तहजीब में आपसी सद्भाव और भाईचारे की बात होनी चाहिए।

यहां तक की मेहंदी हसन ने उस दौर को भी याद कराया जब बादशाह बहादुर शाह जफर और हुमायूं ने गाय की कुर्बानी पर रोक लगाई थी। उनका कहना है कि इस समय योगी सरकार पर गाय विरोधी इल्जाम लगता है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम हमेशा गाय कत्ल के विरोधी रहे हैं और रहेंगे। सरकार अगर बोली है कि अवैध बीफ बैन है तो मैं हरगिज नहीं खाऊंगा। मैंने इस इफ्तार को लेकर मोहम्द जान तुर्की साहब की सलाह से किया। तुर्की ने कहा कि इस तरह की मिसाल पेश करने से हिंदू-मुस्लिम एकता को बल मिलेगा।

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