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अजब गजब 

क्या आप जानते है इस्लाम की कुछ घिनौनी सेक्स प्रथा के बारे में जिसमे जवान लड़की को नग्न… देखे तस्वीरें

इस्लाम दुनिया के सबसे बड़े धर्मों में से एक है. धरती पर कई देश हैं जो पूर्णतया इस्लामिक नियम कानूनों पर चलते हैं लेकिन हर देश के अपने नियम हैं और अपने रिवाज हैं. इस्लाम में सेक्स जैसी साधारण चीज पर चर्चा करना कोई गलत बात नही है अगर ये सीधे या किसी तरह से धर्म से जुड़ा हुआ है  हालांकि इसका अर्थ ये नहीं है कि, इस्लाम में सेक्स को लेकर कोई गलत नजरिया है बल्कि सेक्स के मामले में इस्लाम अन्य सभ्यताओं की तरह हमेशा से बेहद उदार रहा है.हम आज आपको बताने जा रहे हैं इस्लाम के कुछ ऐसे ही सेक्स रिवाजों के बारे में जिनके बारे में आपने शायद ही पहले कभी सुना हो :

निकाह मुताह

निकाह मुताह इस्लाम में उस प्रथा को कहा जाता है जिसमें मात्र कुछ दिनों के लिए शादी की जाती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि, ये कुछ मिनट से लेकर कुछ घंटो के लिए भी हो सकती है.

इस प्रकार की शादी के लिए लड़के के द्वारा लड़की को समझौते के अनुसार तय की गयी रकम चुकानी पड़ती है. जिसे मेहर कहा जाता है. ईरान जैसे शिया देशों में ये प्रथा खूब प्रचलित है.

भारत में निकाह मुताह

पिछले दिनों भारत में यह प्रथा तब चर्चा में आयी थी जब हैदराबाद में ऐसे मामलों में बढ़ोत्तरी देखी गयी थी. हैदराबाद में बड़े पैमाने पर अरब देशों के वे शेख आना शुरू हो गये थे जो स्थानीय लड़कियों से कुछ दिनों के लिए निकाह रचाते और मौज मस्ती के बाद अपने वतन लौट जाते.

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस प्रथा के लिए घर के मालिकों की भी सहमति होती थी जो पैसे के लिए अरबियों को अपनी बेटी सौंप देते थे.

हालांकि कुछ दिनों तक ये मामला दबा रहा लेकिन जब बाहर आया तो काफी बवाल मचा. बड़े पैमाने पर लोगों ने इस प्रथा के खिलाफ अपना विरोध जताया.

निकाह मुताह भी तीन तलाक एवं हलाला की तरह ही इस्लाम की बेहद पुरानी एवं एतिहासिक प्रथा है जो सदियों से अनवरत चली आ रही है.

जिहाद उल निकाह/सेक्स जिहाद

सेक्स जिहाद इस्लाम की एक अति विवादित प्रथा है. जो पिछले दिनों चर्चा में तब आयी थी जब खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट और बोको हरम के आतंकवादी आये दिन खून की नदियाँ बहा रहे थे.

इस सेक्स जिहाद प्रथा का खुलासा तब हुआ था, जब ये जानकारी सामने आयी कि, सीरिया और नाइजीरिया में बड़े पैमाने पर ढेर सारी लड़कियां आतंकी संगठन के आतंकियों को सेक्स सुविधाएँ देने के लिए आतंकी कैंपों में जाती थीं.

बताया जाता है जहाँ कुछ ये कार्य अपनी मर्जी से करती थीं वहीं बड़े पैमाने पर उन्हें जबरदस्ती इस काम में धकेला जाता था.

इस तरह पूरा होता है सेक्स जिहाद

ये लड़कियां आतंकी कैंपों में जाकर उन खूंखार आतंकवादियों को तब तक सेक्स सुविधा प्रदान किया करती थीं जबतक कि वह गर्भवती नहीं हो जाती थीं.

एक बार गर्भवती होने के बाद सेक्स जिहाद प्रथा को पूर्ण माना जाता था और वह लड़की चाहे तो फिर अपने पुराने स्थान पर वापस लौट सकती थी. कई मामलों में औरतों को सेक्स गुलाम बनाने की घटनाएँ भी चर्चा में आयी थीं.

इस रिवाज को धर्मांध इस्लामियों ने सेक्स जिहाद/जिहाद-उल-निकाह का नाम दिया था और उन लड़कियों को आतंकी कैंपों में जाने के लिए प्रेरित किया था.

हलाला 

पुरुषों द्वारा पैसे देकर किसी औरत के साथ सोने के बारे में तो आपने कई बार सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी सुना है जब किसी औरत को पैसे देकर किसी पुरुष के साथ सोना पड़ा हो ?

लेकिन यह सत्य है. बीबीसी यूके की एक रिपोर्ट की माने तो हलाला नामक एक गलत प्रथा के चलते मुस्लिम समुदाय की कई औरतों को ब्रिटेन में पैसे देकर अजनबी पुरुषों के साथ सोना पड़ता है.

तीन तलाक है कारण

बदनसीब मुस्लिम औरतों को इन हालातों से इसलिए गुजरना पड़ता हैं क्योंकि उनके पतियों ने उन्हें तलाक दे दिया होता है. इस्लाम में इसे ‘तीन तलाक’ भी कहा जाता है क्योंकि इस्लामिक तलाक की प्रक्रिया में किसी पुरुष को तलाक देने के लिए अपनी पत्नी से सिर्फ तीन बार ‘तलाक तलाक तलाक’ कहना होता है.

इस्लामिक नियमों की माने तो तीन तलाक की इस प्रक्रिया के पश्चात्  पति पत्नी के रास्ते अलग हो जाते हैं. लेकिन तीन तलाक के बाद जब कोई महिला फिर से अपने उसी पति के पास वापस आना चाहे जिससे उसका तलाक हुआ था तो उसको इस प्रक्रिया के लिए ‘हलाला’ नामक एक प्रथा से गुजरना होता है.

हलाला क्या है

बताया जाता है कि, तीन तलाक के पश्चात् अगर कोई मुस्लिम महिला फिर से अपने उस पति को वापस पाना चाहे तो उसे पहले हलाला नामक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. हलाला के दौरान तलाकशुदा महिला को किसी अन्य पुरुष के साथ कम से कम एक दिन के लिए  विवाह करना पड़ता है और उसके साथ संबंध बनाना पड़ता है.

इस प्रक्रिया के बाद ही हलाला पूर्ण माना जाता है और तलाकशुदा महिला को अपने पहले पति को फिर से वापस पाने के लिए उसके साथ निकाह करना पड़ता है. अपने पूर्व पति से निकाह के पश्चात् तलाकशुदा औरत अपने पूर्व पति के साथ पहले की तरह सामान्य जीवन बिताने के काबिल हो जाती है.

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