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राजनीति 

केजरीवाल कैसे करते हैं दवा घोटाला पढ़िए यहाँ

दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर ऐसा आरोप लगा दिया है कि अगर यह बात सच हो गयी तो दिल्ली में जलजला आ जाएगा और दिल्ली की जनता अपने सर पर हाथ रखकर बैठ जाएगी क्योंकि यह दिल्ली के डेढ़ करोड़ लोगों की जिन्दगी का मामला है.
आपने सुना होगा कि केजरीवाल पिछले साल से ही दावा कर रहे हैं कि दिल्ली के अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिकों में सभी दवाइयाँ फ्री कर दीं गयी हैं, केजरीवाल सरकार ने इसके लिए हजारों करोड़ रुपये की दवाइयाँ खरीदीं, सभी स्टोर भर दिए गए, हालाँकि यह दवाइयाँ कहाँ और किस कंपनी से खरीदी गयी हैं यह बात गोपनीय है.
आज कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार वही दवाइयाँ खरीदती है जिसकी एक्सपायरी डेट नजदीक होती है, इन दवाइयों को खरीदने के लिए कंपनियों से डील की जाती है, कंपनियों को एक्सपायर होने वाली दवाइयों का खरीदार मिल जाता है और खरीदने वालों को दवाइयाँ सस्ते में मिल जाती हैं. लेकिन केजरीवाल यह दवाइयाँ खरीदने के लिए कंपनियों से करोड़ों रुपये का कमीशन लेते हैं.
कपिल मिश्रा ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने बिना जरूरत के अरबों रुपये की दवाइयाँ खरीद लीं और बदले में कंपनियों से करोड़ों रुपये का कमीशन ले लिया. लेकिन यह दवाइयाँ  रखे रखे एक्सपायर हो गयी हैं क्योंकि इनकी एक्सपायरी में एक दो महीने ही बचे थे, कई गोदामों में एक्सपायर दवाइयां मौजूद हैं.
उन्होंने कहा कि अब केजरीवाल फिर से नजदीकी एक्सपायर दवाइयां खरीदेंगे, फिर से करोड़ों रुपये कमीशन लेंगे और फिर से ये दवाइयाँ रखे रखे एक्सपायर हो जाएंगी या मरीजों को खिला दी जाएंगी. केजरीवाल ऐसा बार बार करेंगे और बार बार कमीशन खाएंगे.
कपिल मिश्रा ने कहा है कि केजरीवाल से दवाओं की खरीद में कम से कम 300 करोड़ रुपये का घोटाला किया है और आगे भी घोटाला करते रहेंगे क्योंकि वे घोटाला करने के लिए ही मुख्यमंत्री बने हैं.

जब आप मेडिकल स्टोर पर दवाइयां खरीदने जाते हैं तो Expiry Date जरूर देखते हैं और वही दवाइयाँ खरीदते हैं जिसकी Expiry Date 1-2 साल बाद होती है, आप वो दवा कभी नहीं खरीदेंगे जिसकी Expiry Date 1-2 महीने बाद होगी क्योंकि वह दवाई रखे रखे खराब हो जाएगी लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ऐसा करते हैं.

जिस कंपनियों की दवाइयां Expire होने वाली होती हैं वे कम से कम दाम में उन दवाइयों को बेचकर स्टॉक खाली करना चाहते हैं, ऐसे में अगर उन्हें 100 रुपये की दवा 10 रुपये में भी बेचना पड़े तो बेच देते हैं क्योंकि एक दो महीने बाद ये दवाइयाँ Expire  हो जाएंगी तो उन्हें कूड़ेदान में फेंकना पड़ेगा.

अब मान लो मैं मुख्यमंत्री हूँ, मैं दवा कंपनियों के पास गया, मैं उनसे बोलूँगा कि मैं आपकी दवाइयां खरीदूंगा, आप 100 रुपये की दवाई का 100 रुपये का ही बिल बनाना, मैं पैसे सरकारी खजाने से दूंगा, मैं आपको 100 रुपये दूंगा लेकिन आप उसमें से 90 रुपये मेरी जेब में डाल देना.

अब मान लो मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री हूँ, मै सभी मरीजों को फ्री में दवा देने का ऐलान करता हूँ और पहले से डील के मुताबिक उसी कंपनी से 1-2 महीने में Expire होने वाली दवाओं को 1000 करोड़ रुपये में खरीकर सभी अस्पतालों के स्टोर रूम में भेज देता हूँ.

अब ध्यान दीजिये, मैंने कंपनी वालों को पहले ही बोल रखा है कि यह पैसे यानी 1000 करोड़ रुपये मै आपको दिल्ली के सरकारी खजाने से पेमेंट करूँगा, 1000 करोड़ रुपये में से 900 करोड़ रुपये आप मेरी जेब में डाल देना.

कपिल मिश्रा के अनुसार केजरीवाल इसी प्रकार से बड़ी चालाकी से दवा घोटाला कर रहे हैं, मरीजों की जान के साथ खेल रहे हैं, उन्हें Expire होने वाली दवाएं खिला रहे हैं और बदले में मोटा कमीशन खा रहे हैं.

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