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राजनीति 

किसान आंदोलन पर अब कांग्रेस vs बीजेपी, जानें किसकी क्या है रणनीति

महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में चल रहा किसान आंदोलन अब सियासी जंग का रूप लेता जा रहा है. देश के दो प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं. कांग्रेस ने जहां किसानों के मुद्दे पर सरकार का घेरने का प्लान बनाया है वहीं बीजेपी ने इसकी काट की रणनीति तैयार की है. कांग्रेस की अगुआई वाली विपक्षी पार्टियों ने कृषि संकट और कर्ज माफी के मुद्दे पर भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों पर हमले शुरू किए हैं. वहीं इस पर पलटवार करने के लिए बीजेपी सरकार किसान की दुर्दशा के मुद्दे पर योजना बना रही है. साथ ही विपक्षी हमलों का सामना करने के लिए पार्टी पूरी तैयारी में है.

जानें, क्या है बीजेपी की रणनीति

-ऋण माफी की कांग्रेस की मांग को पूरा करने के मूड में नहीं बीजेपी

-पार्टी ने पहले ही साफ कर दिया है कि किसानों के मुद्दों पर राज्य सरकारों को ही फैसला लेना है

-विदेश यात्रा से प्रधानमंत्री की वापसी के बाद नई एमएसपी की घोषणा होने की संभावना है, जो पहले से ही बुधवार की कैबिनेट बैठक में तय हो गई है.

-अभी तक बीजेपी नेताओं की रणनीति है कि मंदसौर समेत विभिन्न इलाकों में हुई हिंसा के पीछे कांग्रेस की भूमिका का खुलासा करें और उसे घेरा जाए

– पार्टी का मानना ​​है कि मोदी का जादू फिर से पार्टी के पक्ष में काम करेगा, जैसा कि नोटबंदी के समय पर किया था.

-नोटबंदी के बाद, विपक्ष ने किसानों और छोटे व्यापारियों की दुर्दशा के मुद्दे को उठाय था लेकिन यूपी में जीत ने बीजेपी के लिए हालात फिर पक्ष में कर दिया

-बीजेपी किसानों के लिए मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को उजागर करने की योजना बना रही है. जैसे उत्तर प्रदेश में ऋण माफी, किसान फसल बीमा योजना, स्वाएल हेल्थ कार्ड, किसानों के लिए यूरिया की आसान उपलब्धता इत्यादि.

ये है कांग्रेस की रणनीति

-दूसरी ओर कांग्रेस की रणनीति सरकार को इस मुद्दे पर देशभर में घेरने की है. कांग्रेस मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से इस लड़ाई को आगे बढ़ाकर यूपी में भी घेरना चाहती है.

-इस दिशा में कांग्रेस के रणनीतिकार योजना तैयार करने में लगे हैं. मंदसौर यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने ऐलान किया था किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे को वे आंदोलन बनाएंगे.

-गाजियाबाद के कांग्रेस अपना बैटलग्राउंड बना सकती है. गाजियाबाद के मंडोला गांव में किसान उचित मुआवजे की मांग के साथ आंदोलन जारी रखे हुए हैं.

कांग्रेस इस मुद्दे में राहुल गांधी को उतारने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक महापंचायत के जरिए इस मुद्दे को कांग्रेस बड़े पैमाने पर उठाने की तैयारी में है. विपक्ष के बाकी दलों के नेता भी राहुल के साथ आ सकते हैं. इससे पहले राहुल के मंदसौर दौरे पर जेडीयू नेता शरद यादव भी साथ थे.

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